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सुरक्षा के नाम पर भेदभाव
Sep, 01 '09 Subject: Pride of India, Viewed by: 136 |
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अमेरिका खुद को सुप्रीम मानता हैं. दुसरे देशो के प्रति उसका नजरिया सही नहीं हैं. किसी देश को विकसित होते हुए वो नहीं देख सकता. किसी भी तरह वो उस देश को या देश के लोगो को नीचा दिखाने की कोशिश करता है. भारत से उसे शुरू से ही खतरा नजर आता है इसलिए भारत के प्रति कभी भी उसका रवैय्या सही नहीं रहा. हमारे देश के सम्मानीय राष्ट्रपति श्री अबुल कलाम जी की चेकिंग यही बताती है की हमारे देश का सुप्रीम उनके लिए आम आदमी है. अमेरिका के किसी राजदूत या राष्ट्रपति की अपने यहाँ चेकिंग करवाकर देखिये कितना हंगामा होता है. ऐसा माहौल बनाया जाता है जैसे के हमने पूरी दुनिया के मालिक की चेकिंग करवा ली हो. अम्बिका सोनी या शाहरुख खान या कोई भी सम्मानीय व्यक्ति जिन्हें पूरी दुनिया जानती है उन्हें किसी आंतकवादी की तरह एअरपोर्ट पर चेक करना बिलकुल गलत है लेकिन क्या पता हमारी सरकार को शायद ये बेईज्ज़ती अच्छी लगती है या ना जाने कोनसे बोझ तले हमरी सरकार दबी हुई है. क्या अमेरिका का विरोध करके हम हमारा देश नहीं चला सकते. अरे जरा उत्तरी कोरिया जैसे छोटे से देश से शिक्षा ले लो. अपनी इज्जत के लिए वो सर कटा सकता है लेकिन सर झुकाता कभी नहीं.
उनसे कहदो के वो सूरज है तो होंगे, हम जुगनू है फिर भी खुद की चमक रखते है, हमें कमजोर ना समझना ऐ बुरबक हम दुनिया को बदलने की ताकत रखते है. |
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